याद करना और याद रखना दो मुख्तलिफ बातें हैं
एक में भूलते नहीं और एक में भुला नहीं पाते
कभी जीते जी इंसान यादों का सिलसिला छोड़ देता है
कभी मर कर भी उन यादों से सुला नहीं पाते ...

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लम्हें