Monday 25 April 2011

उसको सामने बैठाकर ढेरों बातें करते रहो
याद बस इतना रखना कि तस्वीरें जवाब नहीं देतीं
दिल बहलाने का सामां तो मिल जाता है
मगर यादें गुज़रे वक़्त का हिसाब नहीं देतीं

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