Tuesday 9 September 2008

हमने उसको हर वक्त महसूस किया हैं

ना तलाशते थे ख़ुशी, न गमों का हिसाब रखते हैं
हमने जिंदगी की हर शक्ल को खुल के जीया है
यहाँ आब-ओ-हयात और ज़हर में ज्यादा फर्क नहीं
हमने दोनों को बड़े शौक से पीया है

कभी जाम में नशा नहीं होता
नशे का अहसास हमने खाली प्याले में भी किया है
उसके शबाब का कोई सानी नहीं इस जहाँ में
जिसकी अदाओं को हमने आँखों से पीया है

एक लम्हा भी मेरे पास नहीं, एक लम्हा भी दूर नहीं
न मेरा है, न पराया, न भूला, न याद आया
फिर भी वो एक शख्स हमेशा मेरे साथ जीया है....

1 comment:

  1. एक लम्हा भी मेरे पास नहीं, एक लम्हा भी दूर नहीं
    न मेरा है, न पराया, न भूला, न याद आया
    फिर भी वो एक शख्स हमेशा मेरे साथ जीया है

    really touch my heart...
    khoobsurat

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