कब्र में भी चैन नहीं आता आशिक़ को
सांस तो थम गयी मुई आस नहीं गयी
वो आयी थी बहाने आंसू मैयद पे लेकिन
दूर से लौट गयी मुर्दे के पास नहीं गयी 

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अहसास-ए-गम

ख़ुशी भी उदास रहती है