Wednesday, 27 August, 2008

लेकिन पानी में दिल वाले ही उतरते हैं

किसी को तैरना आता है, कोई डूब जाता है
लेकिन पानी में दिलवाले ही उतरते हैं
दरया सरमाया उसको देता है जो चीरते हैं लहरों को
वो मोती नहीं पाते जो सागर से डरते हैं...


दोस्त

दोस्त तेरी दोस्ती पे ये दिल-ओ-जान कुर्बान है
इस जबीं के वास्ते अर्श तेरा ही मकान है
सजदा करें या फना हो जाएं
कैसे खुद को लुटाएं ये सोच के हैरान हैं

ख्वाब बुलाते हैं

कल फिर तुम्हें मेरे ख्वाब बुलाते रहे
तुमको मेहमान बनाने का इरादा था
न तुम आये न कोई पैगाम आया
मगर लुफ्त उस इंतज़ार में वसल से ज्यादा था ...
***
तेरा एक ख्याल जगाता रहा

सिर्फ एक रात की बात होती तो सह लेते,
यहाँ कई रातों का यु ही सिलसिला रहा
तेरा एक ख्वाब सुलाता रहा
तेरा एक ख्याल जगाता रहा ....

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