Wednesday, 27 August, 2008

मुझे रात पसंद है ....

मुझे रात पसंद है
रात में तुम मेरे पास लौट आते हो ...
रात में तुम फिर मेरे हो जाते हो ...
रात को तुम्हारे सपने भी आते हैं ...
हमेशा की तरह मुझे रात भर सताते हैं ...
रात के आलम में हम तनहा होते हैं ..
रात के समा में हमारे अरमान जवान होते हैं ...
रात के हर लम्हें से ये दिल रजामंद है ...

इसलिए मुझे रात पसंद है ...

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