Tuesday 26 August 2008

हक़ दोस्ती का

ए दोस्त मेरे, तुझे दोस्ती की कसम
ये रिश्ता दोस्ती का, तुझको निभाना होगा
क्या गम है तुझे, कौन सा रंज है,
अपना हाल-ए-दिल तुझको बताना होगा
क्या दर्द है, कहाँ दर्द है, क्यों दर्द है तुझे,
इस दर्द का राज मुझको बताना होगा
गर हक दिया है तुने इस दोस्त को
तो हक आज हमको जताना होगा ...

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