Wednesday, 27 August, 2008

ख़त ......

आज कई दिन बाद किसी ने ख़त लिखा...
ख़त में उसकी खुशबू समाई थी
ख़त में उसकी तस्वीर उभर आई थी
ख़त में ज़माने भर का प्यार छुपा था
ख़त में उसकी यादों का रंग घुला था
हमारा ख्याल उसको भी है, दिनों बाद दिखा
आज फिर किसी ने मुझे एक ख़त लिखा....
ख़त के ज़रिये उसने भेज दिए सौ वादे
ख़त के ज़रिये लौट आई उसकी सौ यादें
ख़त के ज़रिये उसने पहुँचाया अपना सलाम
ख़त के ज़रिये भेजा उसने प्यार का पैगाम
उसके ख़त में मुझे उदास सा उसका अक्स दिखा
आज फिर किसी ने मुझे एक ख़त लिखा....

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