Wednesday, 27 August, 2008

ख़ुशी भी उदास रहती है

खारे समंदर को भी मीठे पानी की प्यास रहती है
सपनो को भी मासूम आँखों की तलाश रहती है
ज़रूरी तो नही जिंदगी में हर मस्सर्रत शाद हो
यहाँ कभी कभी ख़ुशी भी उदास रहती है
सब कुछ मिल गया जो भी खुदा से माँगा आज तक
फिर भी दिल को कुछ और पाने की आस रहती है
जब भी उसको याद करते हैं तो लगता है
के उसकी नज़र मेरी नज़र के पास रहती है
ज़माना बीत जाता है उसका ख्याल आये हुए
मगर आज भी दिल में उसकी आवाज़ रहती है

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